जीके इंटरप्राइजेज व मां तारा कंस्ट्रक्शन के ख़िलाफ़ एनजीटी में हुआ केस एडमिट
*मामला गंगा नदी से नियम विरुद्ध तरीके से स्टोन बोल्डर भेजने व गंगा नदी को प्रदुषित करने का ,अगली सुनवाई तिथि 22 नवंबर को
जगदूत न्यूज साहिबगांज से सम्पादक अरूण कुमार वर्मा कि रिपोर्ट साहिबगंज। बीते मई से जुलाई माह में मेसर्स जी.के.इंटरप्राइजेज मालदा व मेसर्स मां तारा कंस्ट्रक्शन कंपनी मुजफ्फरपुर द्वारा कटिहार जिला के मनिहारी प्रखंड के समीप गंगा नदी के बाएं किनारे रेलवे लाइन व कारी कोशी तटबंध की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य/कटाव निरोधी कार्य के क्रियान्वयन हेतु स्टोन बोल्डर की ढुलाई नाव परिचालन के माध्यम से साहिबगंज जिले के गंगा नदी से किया गया था.जिसमें दोनों कंपनी को कई नियम शर्तों का पालन करना था व अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना था जिसकी निगरानी ज़िले के कई पदाधिकारियों को करनी थी पर दोनों कंपनियों ने नियम शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए ज़िले से स्टोन बोल्डर की आपूर्ति कटिहार की थी जिसका विरोध ज़िले के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने किया था पर अरशद की आपत्तियों को नजरंदाज कर दिया गया था.गंगा नदी को प्रदूषित करने जलीय जीव जंतु व संरक्षित डाल्फिंस को बचाने व नियम शर्तों कानून का घोर उल्लंघन कर मनमानी तरीके से स्टोन बोल्डर की आपूर्ति करने को लेकर व लापरवाह पदाधिकारियों पर कार्रवाई हेतु व दोनो कंपनियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने व भारी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाने को लेकर मंगलवार को भारत सरकार,बिहार सरकार व झारखंड सरकार के कई पदाधिकारियों को पार्टी बनाते हुए अरशद ने कोलकाता हाईकोर्ट की विद्वान अधिवक्ता पौशाली बनर्जी व दीपांजन घोष के माध्यम से एनजीटी इस्टर्न जोन कोलकाता में याचिका संख्या ओए -162/2023 दायर की थी.जिसकी सुनवाई शुक्रवार को न्यायिक सदस्य जस्टिस बी.अमित स्थालेकर व एक्सपर्ट मेंबर डा.अरूण कुमार वर्मा ने की.कोर्ट ने याचिका को एडमिट करते हुए डायरेक्टर जनरल नेशनल मिशन क्लीन गंगा नई दिल्ली,खान-निदेशक झारखंड,सदस्य सचिव झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद,डीसी,डीटीओ,कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कटिहार व मेसर्स जी.के.इंटरप्राइजेज मालदा व मेसर्स मां तारा कंस्ट्रक्शन कंपनी मुजफ्फरपुर को नोटिस निर्गत करते हुए सभी को चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया साथ ही डीसी,वरिष्ठ वैज्ञानिक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली व वरिष्ठ वैज्ञानिक झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तीन सदस्यीय कमिटी गठित करते हुए आदेश दिया की अरशद द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच घटना स्थल पर करते तीन सप्ताह के भीतर कोर्ट में जांच रिपोर्ट समर्पित करें.जांच कमिटी का नोडल एजेंसी झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को बनाया गया है.मामले की अगली सुनवाई तिथि 22 नवंबर को है.याचिका एडमिट होने से पत्थर कारोबारियों समेत प्रशासनिक पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है।


