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Monday, May 4, 2026

लाइसेंस क्लिनिक का और फर्जी डॉक्टरों से हो रहा है, ऑपरेशन का खेल गरीबों के जान से किया जा रहा है खिलवाड़

*मामला चौथम प्रखंड अंतर्गत करुआमोड़ स्थित शांति क्लीनिक का एनएसयूआई जिलाध्यक्ष नितिन पटेल ने डीएम, सीएस सहित अधिकारियों को आवेदन देकर कराया अवगत*

 जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया जिले में इन दिनों फर्जी नर्सिंग होम का बाढ़ सा आया हुआ है। जहां अक्सर लोगों के जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। अवैध नर्सिंग होम में लोगों की जानें जा रही है। चौथम प्रखंड में भी धड़ल्ले से फर्जी क्लिनिक चलाया जा रहा है। मामले को लेकर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष नितिन पटेल ने डीएम, डीडीसी, एसडीओ और सीएस को आवेदन देकर ऐसे फर्जी नर्सिंग होम पर कार्रवाई करने की मांग किया है। अधिकारियों को दिए आवेदन में जिलाध्यक्ष नितिन ने बताया है। कि करुआमोड़ में शांति क्लीनिक नाम से एक ऐसा हॉस्पिटल चल रहा है। जिसको क्लीनिक का लाइसेंस दिया गया हैं। लेकिन वहां फर्जी डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन कर लोगों के जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उस क्लीनिक में चौथम सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार खुद बैठते हैं। इसीलिए उसका कोई विरोध नहीं कर पाता है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पर लगाया गंभीर आरोप चौथम प्रखंड अंतर्गत करूआमोड़ चौक पर शांति क्लीनिक के नाम से एक क्लिनिक संचालित हो रहा है। जिसको ओपीडी का लाइसेंस है। लेकिन यहां अवैध रूप से मरीजों का फर्जी डॉक्टर के द्वारा ऑपरेशन कर लोगों के जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां आईपीडी में मरीजों को भर्ती करने का लाइसेंस नहीं है। कभी कोई सर्जन भी नहीं आते हैं। इसके बावजूद यहां धड़ल्ले से ऑपरेशन का खेल हो रहा है।चौथम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार शांति क्लीनिक को अवैध रूप से संचालित करते हैं। उनके देखरेख में यहां फर्जी तरीके से हॉस्पिटल संचालित हो रहा है। डॉक्टर के पर्ची पर भी डॉ अनिल का नाम लिखा हुआ है। वे सरकारी अस्पताल को छोड़कर इसी फर्जी हॉस्पिटल में बैठकर मरीजों का इलाज करते हैं। अस्पताल से डिलीवरी वाले मरीजों को शांति क्लीनिक में लाकर अवैध तरीके से ऑपरेशन करके गरीबों का खून चूसने का काम करते हैं। आरोप यह भी लगाया कि शांति क्लीनिक में कोई बच्चे का डॉक्टर नहीं है। फिर भी यहां अवैध रूप से एनआईसीयू भी संचालित किया जा रहा है। जहां अक्सर नवजात बच्चे की मौत भी हो है रही है।कहना यह भी है कि यहां बच्चे गिराने का खेल भी धड़ल्ले से हो रहा है। इसी कारण करूआमोड़ में कई बार नवजात बच्चे सड़क पर फेंका हुआ मिला। लेकिन चौथम के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की मिलीभगत रहने के कारण किसी पर कोई कार्रवाई नहीं किया जाता है। जब कोई विरोध करता है तो उसे केस में फंसाने की धमकी देकर चुप करा दिया जाता है।सरकारी अस्पताल से मरीजों को बहला फुसलाकर लाया जाता है क्लीनिक में नितिन पटेल ने आरोप लगाया कि शांति क्लीनिक का एक मालिक निरंजन कुमार का भाई पवन कुमार चौथम सीएचसी में डाटा ऑपरेटर है। और निरंजन की भाभी पवन कुमार की पत्नी चौथम सीएचसी में आशा कार्यकर्ता है। चौथम सीएचसी प्रभारी, डाटा ऑपरेटर पवन और उसकी आशा पत्नी की मिलीभगत से प्रसव पीड़िता महिला को बहला फुसलाकर शांति क्लीनिक लाया जाता है। जहां मोटी रकम लेकर उसका ऑपरेशन कर दिया जाता है। बोले अधिकारी पूरे जिले में जितने नर्सिंग होम या अल्ट्रा साउंड चल रहा है। सभी का जांच कराया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर क्लीनिक या सेंटर पर तो ताला लगेगा ही। साथ ही संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई किया जाएगा।डॉ अमिताभ सिन्हा, सीएस, खगड़िया।

Prabhu Jee
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ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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