जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच के तत्वावधान में अपने दिवंगत अध्यक्ष सूर्यकुमार पासवान को उनके प्रथम पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु आज दिनांक 23 सितम्बर 2024 को पेंशनर भवन खगड़िया में संध्या 04 बजे से एक काव्यांजलि सभा का आयोजन किया गया । काव्यांजलि समारोह की अध्यक्षता ब्रजेन्द्र नारायण ने किया। सर्वप्रथम आगत साहित्यकारों के द्वारा दिवंगत अध्यक्ष के तैल चित्र पर पुष्पार्पण, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया गया तत्पश्चात वक्ताओं ने बारी-बारी से उनके जीवन से जुड़े हुए संस्मरणों को साझा किय। मंच के संस्थापक शिवकुमार सुमन ने दिवंगत अध्यक्ष सूर्यकुमार पासवान जी के शिक्षक से लेकर साहित्यकार बनने तक की पूरे सफर का वर्णन करते हुए उनके ग्राम्य जीवन तत्पश्चात शहरी जीवन के बीच में उनके अपार सामंजस्य की सराहना की। संस्थापक ने बताया कि सूर्यकुमार पासवान जी की चार किताबें प्रकाशित हो चुकी है । चारों ही कविता संग्रह है । उनकी पहली पुस्तक दुनिया का खेल निराला और उनकी दूसरी, तीसरी और चौथी पुस्तक जो अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच के द्वारा ही प्रकाशित हुई है *आ गया हूं आज मैं* शब्दों से अनजान हूं मैं भी तुम जैसा हूं ये सभी किताबें खगड़िया के साहित्यिक इतिहास में मिल का पत्थर साबित है।काव्यांजलि समारोह का संचालन करते हुए विकास कुमार विधाता ने अपने प्रति उनकी उनके स्नेह की चर्चा करते हुए भाव विभोर होते हुए उन पर कही गई एक ग़ज़ल समारोह में उपस्थित किया । मंच के वर्तमान अध्यक्ष साधना भगत ने सूर्यकुमार पासवान से चंद साल का ही परिचय होने के बावजूद भी उनसे बहुत प्रभावित दिखे और उनसे जुड़े हुए संस्मरणों को साझा किय। दिवंगत अध्यक्ष के अभिन्न मित्र और वर्तमान में मंच के उपाध्यक्ष सुखनंदन बिहारी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनको एक महान सुहृदय व्यक्ति बताया अन्य वक्ताओं में कृष्ण कुमार यादव, राम लखन प्रसाद पासवान, बृजेंद्र कुमार, सुमन रवि कुमार पोद्दार, पलक पल्लवी आदि ने अध्यक्ष के प्रति हार्दिक संवेदना एवं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया । अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच के पटल पर संवेदना व्यक्त करने वाले साहित्यकारों में बाबा बैद्यनाथ, डॉ. के.के. चौधरी, संजीव कुमार, ज्योति मानव, सुषमा सिन्हा, दिलीप समदर्शी, प्रभाकर सिंह, नंदकिशोर सिंह,डॉ. पुष्प कुमार राय, रतन राघव, सुमित सिन्हा, बबीता कुमारी, जयकांत पासवान, खुशबू, कविता परवाना, संगीता चौरसिया, कृष्ण कुमार क्रांति, कालजयी घनश्याम, चंद्रशेखर पंडित, डॉ.किशोर कुमार यादव, आ.बी. नन्हे, डॉ. मंजू श्री, रामस्वरूप सहनी रोसराई, सियाराम यादव मयंक, किशोर कुमार यादव आदि साहित्यकारों का नाम प्रमुख है। साधना भगत के धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष के अध्यक्ष भाषण के पश्चात कार्यक्रम की समाप्ति हुई।


