*वर्ष 2023 में ही कॉलेज के सिपाही अभय कुमार गुड्डू हुए थे पदमुक्त*
JNA/Arvind Verma
खगड़िया। अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय के परिसंपतियों खासकर जमीन की देखरेख करने हेतु सिपाही की बहाली की गई थी। सिपाही थे अभय कुमार गुड्डू , जिस पर संदिग्ध गतिविधि के कारण निगरानी रखने का निर्णय लिया गया था तथा कार्यशैली में सुधार होने पर ही इनसे आगे कार्य लेने का निर्णय सर्व सम्मति से एक बैठक में लिया गया था। वर्तमान में अभय कुमार गुड्डू सिपाही के कार्यशैली में कोई सुधार नहीं होने के कारण इन्हें सिपाही पद से मुक्त करने का निर्णय विगत 20 सितंबर 2023 को संस्कृत महाविद्यालय प्रबंध समिति की आहूत बैठक में सर्व सम्मति से लिया गया था। सिपाही पद से मुक्त होते ही संस्कृत महाविद्यालय को लेकर आक्रोशित हो एक से बढ़ कर एक कदम उठा रहे हैं। सनद रहे, अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा की अंगीभूत इकाई है, जिसकी स्थापना 28 जून 1946 ईo को हुई थी। आश्चर्य है, जिस महाविद्यालय को लगभग एक हजार एकड़ जमीन जैसा भूसंपदा हो और अपने आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने हेतु किसी तारणहार के सामने हाथ पसारना पड़े, हास्यास्पद है। वहीं, दूसरी ओर जदयू के जिला उपाध्यक्ष सुबोध यादव ने एक प्रेस वार्ता में कहा अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय रहीमपुर के अधीनस्थ भू-सम्पदा से जूड़े तीस वर्षों के अंदर की स्थिति की जांच ज़िला प्रशासन विशेष जांच टीम गठित कर करे ।उन्होंने यह भी कहा आज संस्कृत कॉलेज की भू- सम्पदा को लूटने पर पूरी तरह से जिन लोगों पर पाबंदी लगा दी गई है, वही लोग गला फाड़ फाड़ कर चिल्ला रहे हैं । जबकि वर्त्तमान जिला प्रशासन की देख रेख में जो महाविद्यालय के हितार्थ कार्य हुआ उससे कॉलेज के आर्थिक आय में काफ़ी वृद्धि हुई है। उन्होंने दाबे के साथ यह भी कहा कि वर्ष 2023 से पूर्व यानी तीस वर्षों से इस कॉलेज के जो सिपाही थे, वही व्यक्ति भक्षक बन कर संस्कृत कॉलेज की मिट्टी बेचने से लेकर भू- सम्पत्ति को लूटा है। यही कारण है कि आज इस कॉलेज की यह दुर्दशा है। प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थे राकेश पासवान शास्त्री, नवल किशोर यादव, धर्मेन्द्र कुमार तथा संजय गुप्ता आदि।


