जेएनए /ऋतु राज भगत
बिहारीगंज,मधेपुरा.राष्ट्रकवि डा.रामधारी सिंह दिनकर की जयंती की पूर्व संध्या एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती के दूसरे दिन वाणिज्य समिति धर्मशाला बिहारीगंज,मधेपुरा में प्रलेस (प्रगतिशील लेखक संघ) के सौजन्य से आहूत दिनकर साहित्य से संदर्भित परिचर्चा में विशिष्ट अतिथि के रुप में आमंत्रित वरिष्ठ कवि और साहित्यकार डा.के.के.चौधरी *साहित्य श्री* सम्मान से सम्मानित किए गये। सारगर्भित संबोधन के पहले प्रो.देव नारायण देव के संपादन एवं डा.के.के.चौधरी के सह-संपादन में नैतिक शिक्षा की एक प्रेरणा दायक पुस्तक *जियो तो ऐसे* का भी विमोचन हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.डा.देव नारायण देव एवं बीएनएमयू के पूर्व कुल -सचिव डा.शचीन्द्र महतो ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि के रुप में कोशी क्षेत्र के हिंदी के उद्भट विद्वान प्रो.डा.विनय कुमार चौधरी ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रुप में वरिष्ठ साहित्यकार डा.के.के.चौधरी, डा.विश्वनाथ विवेका, डा.सिद्धेश्वर काश्यप एवं डा.राम नरेश भक्त थे। अतिथियों के उद्बोधन के क्रम में डा.के.के.चौधरी ने दिनकर विरचित *उर्वशी, रश्मिरथी, कुरुक्षेत्र एवं संस्कृति के चार अध्याय* पुस्तकों की पंक्तियों को उद्धृत किया। फिर द्वितीय सत्र में कवि सम्मेलन का संचालन भी किया। उनकी सुदीर्घ हिंदी सेवा एवं कार्यक्रमों के बेहतर प्रबंधन एवं संचालन हेतु उन्हें *”साहित्य श्री सम्मान” में पुष्पमाल, प्रशस्ति पत्र,चादर एवं विदाई लिफाफा* से सम्मानित किया गया। मौके पर आमंत्रित कवियों में बाबा बैद्यनाथ झा, मंजुला जी उपाध्याय, सियाराम यादव मयंक, प्रो.किशोर कुमार यादव, जय कांत पासवान,अखिलेश कुमार, प्रवीण कुमार,स्नेहा किरण, जूली कुमारी,ज्योत्स्ना कुमारी आदि प्रमुख थे।
साहित्यश्री सम्मान” से डा.के.के.चौधरी हुए ,हर्ष
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