जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार से हरिशेखर कुमार यादव ब्यूरो चीफ परबत्ता खगड़िया आज मंगलवार के दिन बनदेहरा गांव में महर्षि मेंही संतमत सत्संग का मासिक आयोजन संपन्न हुआ। जिसमें महंत मायाराम पंडित ने बताया कि ईश्वर की महान कृपा होने से सत्संग देखने या सुनने को मिलता है। सत्संग सभास्थल पर आने के लिए ईश्वर का महानकृपा दृष्टि से ही मौका या समय मिलता है। सत्संग में भाग लेने से मन, बुद्धि और चित का शुद्धिकरण होता है। सत्संग से मन निर्मल होता है, मन निर्मल होने से व्यवहार, विचार पर भी प्रभाव पड़ता है, अतः सत्संग में भाग लेने से सभी अर्थों से कल्याण होता है।
वहीं सत्संग सभा स्थल पर आचार्य सूफी यादव जी ने अपने शब्दों में कहा.
संत दरस को जाइये, तज, छल, कपट, अभिमान।
ज्यो ज्यो पग आगे बढ़े, त्यों त्यों तीरथ समान।
सद्गुरु ही ज्ञान, बुद्धि , कर्मयोग और आत्मिक नैतिक शिक्षा का अक्षय भंडार है। इनके ज्ञान जीवन के हर क्षेत्र में और हर स्थान पर काम आने वाला सदज्ञान है। यह वह ज्ञान है जो जीवन के प्रत्येक गुत्थी को सुलझाने और गांठ को खोल देने की सामर्थ्य रखता है। इनके हर वाणी में असंख्य युगों का सदज्ञान नवनीत भरा पड़ा है। इनके हर वाणी में वह शक्ति है, वह ज्ञान है, वह उपदेश और नीति धर्म मिलता है. जिसे पाना केवल कठिन प्रयास से संभव नहीं है।
मौके पर.
पत्रकार हरिशेखर यादव ने कहा जिसको जीवन में मिला सत्संग है, उसको हर घड़ी आनंद ही आनंद है। भगवान बुद्ध के द्वारा कही गई उक्ति को भी चरितार्थ करते हुए आगे कहा कि जीवन दुख है,और दुख ही मुक्ति का मार्ग है। जन्म दुःख , जरा दुःख , मृत्यु दुःख, यानी जीवन दुख ही दुख। अगर जीवन सुख है, तो जीवन से मनुष्य मुक्त होना नहीं चाहता। सांसारिक सुख क्षणिक है, क्षणिक सुख भी योग्यता और पात्रता के ऊपर निर्भर करता है। कि सांसारिक सुख में भी अगर हम घड़ा को उल्टे दिशा में रखकर बरसात का पानी पाने की चाहत करेंगे तो संभव नहीं है।
सेवानिवृत्त शिक्षिका प्रमिला देवी ने कहा सब संतन की बड़ी बड़ी बलिहारी, बिना सत्संग विवेक न होई, राम राम कृपा बिनु सुलभ न सोई।
मौके पर सत्संग प्रेमी कृष्णानंद सिंह, उत्तम सिंह, प्रधानाचार्य महेंद्र पासवान, रामविलास सिंह यादव, सैनिक छेदी साह, विनोद यादव, बिलो यादव, चंद्रकिशोर यादव, लूचो यादव, ईशो चोरसिया,रामकुमार पासवान, शालिग्राम यादव, चलीतर यादव, कैली देवी, सावित्री देवी, पार्वती देवी, कारी देवी, सुलोचना देवी, प्रमिला देवी, सुशीला देवी, आदि मुख्य रूप से मौके पर मौजूद थे।


