बिहार में सड़क पर दिखने वाले आधे से ज्यादा बच्चों के शरीर पर शुद्ध कपड़ा नहीं, पैरों में चप्पल नहीं, सुधरना है तो शिक्षा-रोजगार पर करें वोट , प्रशांत किशोर
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शनिवार को मानसी प्रखंड के कई गांवों में पदयात्रा की। इस दौरान जनता को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं 17 महीनों से पैदल चल रहा हूं। वहीं देख रहा हूं कि बिहार में रोड पर दिखने वाले आधे से ज्यादा बच्चों के शरीर पर शुद्ध कपड़ा नहीं है। जिस गांव में भी मैं जाता हूं रास्ते में अगर 100 बच्चे मिलते हैं, तो उनमें से आधे बच्चों के शरीर पर शुद्ध कपड़ा नहीं होता और उनके पैरों में हवाई चप्पल नहीं होता।
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जब वोट देने का समय आता है तो उन्हीं बच्चों के मां-बाप जाति के नाम पर वोट देते हैं। वही मां-बाप कहते हैं कि हमें काफी कष्ट है। भला कष्ट कैसे नहीं रहेगा, आपको अपने बच्चों की चिंता ही नहीं है। बिहार में लोगों को सुधरना नहीं है।प्रशांत किशोर ने कहा कि बहुत लोग कहते हैं कि बिहार में विकल्प नहीं था, आप विकल्प बनाइए हम आपका साथ देंगे। हमें आपका साथ नहीं चाहिए, आप तो वो लोग हैं जो अपने बच्चों के साथ नहीं खड़े हुए। हमारे साथ क्या खड़े होइएगा।
यहां कोई ऐसा घर नहीं है जहां जवान लड़का, आपका पति, भाई, बेटा बाहर मजदूरी करने नहीं गया। इसलिए वोट सोच-समझकर दीजिए। अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के नाम पर दीजिए।प्रशांत किशोर ने शनिवार को कुल 11.3 किलोमीटर तक पदयात्रा की। इस दौरान वे मानसी प्रखंड के घरारी, जागृति टोला, अरैया, एकनिया, मानसी खुटिया चकहुसैनी, राजाजन चौक, बख्तियारपुर, ठाठा दुर्गा मंदिर तक गए। वहीं कैंप में रात्रि विश्राम किया।