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Thursday, April 16, 2026

संयुक्त भारतीय धर्म संसद द्वारा 27 फरवरी बुधवार को जयपुर के गोविंद देव मंदिर से आंदोलन का किया जाएगा शंखनाद

*आंदोलन के तहत 1 से 21 सितंबर 2024 तक होगी “श्री कृष्ण रथ यात्रा*

*द्वारिका (गुजरात) से मथुरा (उत्तर प्रदेश) तक 4100 किलोमीटर होगी यात्रा*

जगदूत न्यूज जयपुर से जे पी शर्मा कि रिपोर्ट 

जयपुर राजस्थान- संयुक्त भारतीय धर्म संसद एवं अनेक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में 27 फरवरी को जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर से श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन का शंखनाद किया जाएगा इसके तहत द्वारिका से मथुरा तक 4100 किलोमीटर की रथ यात्रा संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर के नेतृत्व में निकाली जाएगी। यात्रा 1 सितंबर को द्वारिका से रवाना होकर 21 सितंबर 2024 को मथुरा पहुंचेगी। रथ यात्रा गुजरात महाराष्ट्र मध्य प्रदेश राजस्थान हरियाणा दिल्ली व उत्तर प्रदेश इन सात राज्यों में भ्रमण करते हुए तथा नागेश्वर सोमनाथ ओंकारेश्वर त्र्यंबकेश्वर महाकालेश्वर इन पांच ज्योतिर्लिंगों की पूजा कर मथुरा पहुंचेगी। इस यात्रा में एक करोड़ से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप में जुड़ेंगे,यात्रा का 250 से अधिक स्थानों पर स्वागत व ठहराव होगा ।
यात्रा से पहले इस आंदोलन के तहत आचार्य राजेश्वर व संगठन के केंद्रीय पदाधिकारीगण द्वारा देश के 100 शहरों में संपर्क सभाएं होंगी तथा संगठन के संरक्षक भक्त कवि डॉक्टर कैलाश परवाल “सरल” द्वारा रचित श्री कृष्णम् पर आधारित श्री कृष्ण की जीवनी पर विशेष उद्बोधन भी होगा। इसके साथ ही संगठन के 50 प्रदेश अध्यक्षों व जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में लगभग 7000 जनसंपर्क सभाएं होंगी इस यात्रा का प्रभाव संपूर्ण भारतवर्ष में पड़े इसके लिए भारत के ख्यात नाम संतो के सानिध्य संरक्षण में यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा के प्रथम चरण में 31 मार्च को जयपुर के चांदपोल हनुमान मंदिर से सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर तक संत महंत पैदल मार्च करेंगे । इसके साथ ही आचार्य राजेश्वर 5 से 7 अप्रैल को जयपुर महानगर के 251 मंदिरों में महंतों व पुजारियों से मिलकर इस आंदोलन को को सफल बनाने के लिए समर्थन व सहयोग के लिए आह्वान करेंगे इसका शुभारंभ मोती डूंगरी गणेश मंदिर से किया जाएगा।राजस्थान पूर्वी प्रांत के प्रदेश अध्यक्ष राव प्रहलाद सिंह देवपुरा ने बताया की द्वारिका पहुंचकर द्वारकाधीश को रथ में विराजमान कर निवेदन किया जाएगा कि बहुत समय हो गया है द्वारिका में राज करते हुए अब आपको अपनी जन्मभूमि की सुध लेनी पड़ेगी और स्वयं श्री कृष्ण ही अपनी जन्मभूमि के विवाद का समाधान भी करेंगे। यात्रा मार्ग में देश के ख्यात नाम प्रसिद्ध संत महंत उद्योगपति राजनेता व अन्य क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति भी समय-समय पर सम्मिलित होंगे । यात्रा को सफल बनाने के लिए संगठन के पदाधिकारी मिलकर गोवर्धन नाथ की परिक्रमा तथा बृज 84 कोस की परिक्रमा भी करेंगे इसके बाद सभी संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी देश के प्रधानमंत्री को एक प्रतिवेदन सौंपेंगे जिसमें भारत के पुरातन मंदिरों की सुरक्षा व प्राचीन वैभव लौटाने के लिए आवश्यक कानून बनाने के लिए निवेदन किया जाएगा।इसी कड़ी में बसंत पंचमी को गीता गायत्री मंदिर में श्री कृष्णम् ग्रंथ की पूजा तथा श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन का पोस्टर जारी किया गया इस अवसर पर संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर श्री कृष्णम् के रचयिता डॉ. के सी परवाल, आयोजन समिति के संयोजक महंत दीपक वल्लभ गोस्वामी पंडित सुरेश मिश्रा काले हनुमान मंदिर के राजकुमार शर्मा पं. राजकुमार चतुर्वेदी विष्णु शर्मा पंकज शर्मा राहुल प्रताप सिंह राठौड़ प्रमोद शर्मा कमलेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

Prabhu Jee
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ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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