*कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय व मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने का दिया अल्टीमेटम*
जेएनए/ अनिल वर्मा,स्टेट ब्यूरो हेड , झारखंड
साहिबगंज।चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर ने मंगलवार को झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन,डीजीपी तदाशा मिश्रा,दुमका के आईजी पटेल मयूर कन्हैया लाल,डीआईजी अम्बर लकड़ा व साहिबगंज जिले के डीसी हेमंत सती,एसपी अमित कुमार सिंह,झारखंड के खनन सचिव अराव राजकमल,निदेशक-खान झारखंड राहुल कुमार सिन्हा को स्पीड पोस्ट से पांच पन्ने का आवेदन भेज कर जिरवा बाड़ी थाना कांड संख्या-104/24 तथा 204/24 के पर्यवेक्षण पदाधिकारी सह साहिबगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी किशोर तिर्की व कांड के अनुसंधानकर्ता लव कुमार,दीपक क्रिएशन,मो.शाहरुख व जिले के भ्रष्ट व चरित्रहीन खनन पदाधिकारी सह केसकर्ता कृष्ण कुमार किस्कू व अन्य के खिलाफ़ भारतीय न्याय संहिता-2023 की सुसंगत धाराओं के तहत् अविलंब प्राथमिकी दर्ज करते हुए , कड़ी से कड़ी कानूनी,विभागीय व विधि सम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर अरशद न्यायालय व मानवा अधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने का चेतावनी दी है।भेजे गए आवेदन में अरशद ने आरोप लगाया है , कि पुर्व का बदला लेने के उद्देश्य से डीएमओ किस्कू ने पत्थर माफियाओं,कारोबारियों,खनन कर्मीयों व भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ अनैतिक सांठ गांठ व लेन देन कर मेरे खिलाफ़ पुरी तरह से दो-दो झूठा केस दर्ज करवा दिया.जिसके चलते पुरी तरह से निर्दोष रहते हुए भी मुझे करीब एक साल जेल में रहना पड़ा जो कि मेरे संवैधानिक,मौलिक व मानवाधिकार का खुला हनन व घोर उल्लघंन है,विदित हो कि अरशद अभी हाल ही में जेल से बाहर आएं है।जेल से बाहर आते ही अरशद के द्वारा उठाएं गए इस कदम से भ्रष्ट पुलिस-प्रशासनिक पदाधिकारियों,पत्थर माफियाओं व कारोबारियों में हड़कंप है । तो दुसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर देखीं जा रही है।
एसडीपीओ-डीएमओ- अनुसंधानकर्ता के खिलाफ़ हो प्राथमिकी दर्ज-अरशद
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