JNA/आर आर वर्मा पत्रकार नगर, खगड़िया।दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बीजेपी के लिए आज सबसे बड़ा दिन है असल में आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है आज ही के दिन 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी की स्थापना हुई थी उक्त बातें जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष आलोक कुमार विद्यार्थी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताइ|शून्य से शुरू हुई यह पार्टी आज देश में छाई हुई है और केंद्र समेत अधिकतर राज्यों में इसकी सरकार है लेकिन बहुत कम लोगों को यह बात पता है कि बीजेपी की शुरुआत बेहद साधारण स्थिति में हुई थी 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बनाया जनसंघ बीजेपी को समझने से पहले हमें उसकी जड़ों के बारे में जानना होगा, तभी हम दुनिया के इस सबसे बड़े दल के बारे में जान सकते हैं राजनीतिक पंडितों केमुताबिक, बीजेपी की जगह भारतीय जनसंघ से जुड़ी है राजनीतिक संगठन की स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी|यह दल 1977 तक जनता के बीच काम करता रहा और चुनाव लड़ता रहा वर्ष 1975 में जब इंदिरा गांधी सरकार ने आपातकाल लगाया तो उसके खिलाफ जनसंघ ने बाकी दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी का गठन किया हालांकि, वैचारिक मतभेदों के चलते 1980 में यह पार्टी टूट गई और उसके बाद जनसंघ एक नए संगठन बीजेपी के रूप में सामने आया राजनीति से जुड़े लोग बताते हैं कि अपने शुरुआती दौर में बीजेपी को काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा पार्टी ने 1984 में अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन उसमें उसे करारी हार झेलनी पड़ी उस चुनाव में बीजेपी को दो सीट मिली जो उसके लिए बड़ा झटका था इसके बाद अटल बिहारी वाजपेई लाल कृष्ण आडवाणी ने नेतृत्व वाली बीजेपी ने हार नहीं मानी, और धीरे-धीरे देशभर में संगठन का विस्तार कर दिया|1990 के दशक में आया टर्निंग पॉइंट यह दशक बीजेपी के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में बीजेपी कई राज्यों में रथ यात्रा निकाली साथ ही राम मंदिर आंदोलन तेज किया इन दोनों आंदोलनों ने देश भर में पार्टी के प्रति जन समर्थन पैदा किया उनकी मेहनत रंग लाई और वर्ष 1996 में बीजेपी पहली बार केंद्र में सबसे बड़ी पार्टी बन गई लेकिन अपनी सरकार नहीं बना पाए 3 साल बाद अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में भाजपा गठबंधन सरकार बनाने में कामयाब रही यह सरकार 1999 से 2004 तक चली इस दौरान देश में कारगिल में पाकिस्तान को धूल चटाई, परमाणु प्रशिक्षण कर देश को वैश्विक महाशक्ति बनाने का काम किया, अटल सरकार ने देश को सड़कौ, पुलों और रेलवे का ढांचा भी तेजी से सुधारने का काम किया काम के बावजूद भी 2004 का चुनाव हार गई पार्टी इस बेहतरीन कामों के बावजूद बीजेपी 2004 का लोकसभा चुनाव हार गई और अगले 10 वर्षों तक सत्ता से दूर रही हालांकि विपक्ष में रहते हुए भी वह मुखर बनी रही और विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेर कर जनता में उनके खिलाफ जनमत तैयार किया उसने देश भर में अपने संगठन को और मजबूत करने का ध्यान दिया इसके बाद 2014 को वह ऐतिहासिक वर्ष आया जब नरेंद्र मोदी एक आंधी के तरह केंद्रीय राजनीति में उभरे उनके नेतृत्व में लड़े गए लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बंपर जीत हासिल हुई|पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में सत्ता में आई इसके बाद 2019 में भी पार्टी ने फिर से बड़ी जीत हासिल कर अपनी नया सरकार बनाई|अब 2024 में लगातार तीसरी बार जीत हासिल करके भाजपा सत्ता में आई है हालांकि इस बार पार्टी बहुमत से दूर रह गई इसे जदयू, TDP के साथ सत्ता बंटनी परी इसके बावजूद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी न केवल राज्यों में अपनी सट्टा मजबूत कर रही है बल्कि जन आधार भी बढ़ा रही है शून्य से शिखर तक का यह सफर बीजेपी के लिए एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय भी है इससे देश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित किया है|उसे यहां तक पहुंचने में संगठनात्मक मजबूती स्पष्ट विचारधारा प्रभावी नेतृत्व अहम कारण बन गया है।
संगठनात्मक मजबूती स्पष्ट विचारधारा प्रभावी नेतृत्व के कारण भाजपा स्थापित है, आलोक कुमार विद्यार्थी
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