जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद विकास भवन स्थित उद्योग विभाग के सभाकक्ष में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माननीय मंत्री श्री संजय कुमार झा तथा उद्योग विभाग के माननीय मंत्री श्री समीर कुमार महासेठ व् विभागीय अधिकारियों द्वारा दिनांक 13-14 दिसम्बर 2023 को पटना के ज्ञान भवन में बिहार बिजनेस कनेक्ट 2023 (ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट) की विस्तृत जानकारी प्रेस प्रतिनिधियों से साझा की गई। इस क्रम में उद्योग विभाग के माननीय मंत्री श्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि इस आयोजन का एक प्रमुख मकसद, उद्यमियों को बिहार की विभिन्न औद्योगिक नीतियों से रू-ब-रू कराना भी है। इसलिए यहां उद्योग लगाएं और निवेशक अनुकूल औद्योगिक नीतियों का लाभ उठाएं। बिहार सरकार ने ऐसी नीतियां बनायी हैं जिससे निवेशक आकर्षित हो रहे हैं। इन नीतियों का एक ही उद्देश्य है कि निवेशकों को अधिक से अधिक फायदा मिले।
कारोबारियों और खास कर निर्यातकों की सुविधा को ध्यान में रख कर राज्य सरकार ने बिहार लॉजिस्टिक नीति 2023 बनायी है। इस नीति के तहत निजी क्षेत्र में इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पटना के पास बिहटा में एक इनलैंड कंटेनर डिपो शुरू करने की कोशिश चल रही है। निर्यातकों को अपने उत्पाद कंटेनर डिपो तक लाना होगा जहां से उन्हें कस्टम क्लीयरेंस और अन्य सरकारी मंजूरी मिल जाएगी। इनलैंड कंटेनर डिपो में कस्टम अधिकारियों की तैनाती रहेगी जिससे क्लीयरेंस का काम सहज हो जाएगा। राज्य सरकार चाहती है कि निजी क्षेत्र में कम से कम चार पांच और इनलैंड कंटेनर डिपो का निर्माण हो। लॉजिस्टिक पॉलिसी के तहत कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को भी जोड़ने की तैयारी है। कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जरिये रेल द्वारा माल की ढुलाई होती है। साथ ही साथ मौजूदा भंडारण इकाइयों और लॉजिस्टिक के बुनियादी ढांचे को विकसित किया जा रहा है।
टेक्सटाइल और लेदर सेक्टर में निवेश के लिए टेक्सटाइल एंड लेदर पॉलिसी 2022 एक महत्वपूर्ण पहल है। इस नीति के लागू होने से राज्य में निवेशकों को काफी प्रोत्साहन मिला है। इस नीति के लागू होने के बाद मुजफ्फरपुर में बैग कलस्टर शुरू हुआ। बैग कल्स्टर में 1100 से अधिक औद्योगिक सिलाई मशीनों पर कपड़े के बैग बनाये जा रहे हैं। मुजफ्फपुर और पटना जिले में भी 1000 से अधिक औद्योगिक सिलाई मशीनों पर कपड़े का बैग बनाने वाली इकाइयां स्थापित हुईं हैं। इसके अलावा मुजफ्फरपुर में RSCS इंटरनेशनल, V2 जैसी कंपनियां, वस्त्र उत्पादन कर रही हैं।
लेदर सेक्टर में सावी लेदर कंपनी मधुबनी में 100 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना लगा रही है। टेक्सटाइल एंड लेदर सेक्टर में उद्योग लगाने पर अधिकतम 10 करोड़ रुपये का पूंजीगत अनुदान भी दिया जा रहा है। इसके अलावा बिजली, रोजगार और माल भाड़ा से संबंधित अनुदान भी दिये जाते हैं।
बिहार, इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति लाने वाले देश का पहला राज्य है। राज्य में इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार बायोफ्यूएल्स उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2023 एक नवीनतम कदम है। इस नीति के तहत कम्प्रेस्ड बायोगैस के उत्पादन को भी बल मिला है। वैकल्पिक ईंधन का जितना अधिक उत्पादन होगा, खनिज तेलों पर निर्भरता उतनी ही कम होगी। बिहार में अभी इथेनॉल के 8 इकाइयां चालू हैं। निकट भविष्य में सात और खुलने वाली हैं। इथेनॉल उत्पादन में बिहार देश के अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने में बिहार इंसेंटिव नीति 2011 और बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 ने भी खास भूमिका अदा की है।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माननीय मंत्री श्री संजय कुमार झा ने कहा कि बिहार बिजनेस कनेक्ट 2023, राज्य में निवेश के अवसरों की पहचान के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा। यह राज्य अब औद्योगिक निवेश के लिए एक आदर्श गंतव्य बन चुका है। यहां निवेश के लिए अनुकूल और उपयुक्त माहौल है। यहां उद्योग लगाना इसलिए भी आसान है क्यों कि आधारभूत संरचना सहज रूप से उपलब्ध है। बिहार देश का सबसे युवा राज्य है। यहां 53 फीसदी आबादी 35 साल से कम उम्र की है। यह युवा कार्यबल किसी भी उद्योग की स्थापना में अहम भूमिका निभा रहा है। राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में सैकड़ों कामगारों को प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल और योग्य बनाया है। अब यहां कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों की एक बड़ी तादाद है। सस्ता और उपयुक्त कार्यबल उपलब्ध होने से तुलनात्मक रूप से उत्पादन की लागत कम हो जाती है जो व्यापार के लिए बहुत ही अच्छा है। सस्ता श्रम उद्यमियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है।
इतना ही नहीं, बिहार में मौजूद आइआइटी, आइआइएम, एनआइटी और 38 इजीनियरिंग कॉलेजों से पासआउट युवाओं का एक मेधावी कार्यबल भी है जो उद्यमों को तकनीकी रूप से मजबूत करने में मदद कर रहा है। चूंकि बिहार ज्ञान और प्रौद्योगिकी पर आधारित एक नयी अर्थव्यवस्था की और अग्रसर है, इसलिए ज्ञान से भरा हुआ युवा वर्ग, हमारी ताकत है। यहां सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश, एक लाभकारी विकल्प है। बिहार में कानून का शासन है। विधि-व्यवस्था बिल्कुल सुदृढ़ है। साथ ही साथ राज्य सरकार, उद्मियों को हर सहयोग और संरक्षण के लिए कृतसंकल्पित है। इसलिए उद्यमी यहां कामयाबी के साथ अपने कारोबार का संचालन कर रहे हैं। बिजली और सड़क निर्माण के क्षेत्र में बिहार ने एक बड़ी छलांग लगायी है। अब यहां सातों दिन चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध है। उद्योग के लिए बिजली जरूरी है जो तुरंत ही मिल जाती है। इतना ही नहीं, राज्य सरकार उद्मियों को बिजली सब्सिडी भी देती है।
सड़क और पुल-पुलियों के लगातार निर्माण के कारण बिहार यातायात के एक नये युग में प्रवेश कर चुका है। पिछले 10 वर्षों के दौरान यहां सड़कों की लंबाई में 130 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सड़क घनत्व के मामले में बिहार देश का तीसरा राज्य बन चुका है। अब राज्य के किसी भी जिला मुख्यालय से पटना सिर्फ पांच घंटे में पहुंचा जा सकता है। रेलमार्ग और वायुमार्ग के विस्तार से यातायात की सुविधा अब और अधिक बढ़ गयी है। जल मार्ग का भी परिदृश्य बदल रहा है। हाल ही में व्यापारिक उद्येश्य से पटना और कोलकाता के बीच एक जलसेवा शुरू करने पर विचार-विमर्श चल रहा है। जैसा कि विदित है, व्यापार के लिए जल परिवहन सेवा सबसे सस्ता है। उद्योग लगाने के लिए पानी भी चाहिए और इस मामले में यह राज्य प्राकृतिक रूप से धनी है। यहां 75 औद्योगिक क्षेत्र हैं जहां हमेशा बिजली पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित है।


