26.1 C
Khagaria
Wednesday, April 15, 2026

पटना , नालसा की योजनाएं सिर्फ कागजों पर, पारा विधिक स्वयं सेवकों (PLV) मुख्य दर्शक बनकर बन बैठे है

*पारा विधिक स्वयं सेवक (PLV)
का नियुक्ति सिर्फ एक दिखावा आखिर पारा विधिक स्वयं सेवकों (PLV) की नियुक्तिया क्यों*

*जिला विधिक सेवा प्राधिकार एक दिखावा। विधिक सेवा को खुद सहायता की महसूस हो रही है*
 JNA/एस खान ब्यूरो चिप की रिपोर्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकार ,तालुका तथा जिला विधिक के कार्यालय एवं पदाधिकारी द्वारा पारा विधिक स्वयं सेवकों (PLV) से पैसे बिना लिया जा रहा है कोई भी कार्य। सूत्रों के अनुसार यह परियोजना ताल मोल की स्थिति में कागजों पर चल रही है। ऐसे कितने भी नालसा की योजनाएं हैं जो सभी इस जिले में कागजों पर खानापूर्ति की जा रही है। पारा विधिक स्वयंसेवक (PLV)को नहीं दिया जा रहा है कोई महत्त्व ना ही पदाधिकारी ना ही कार्यालय द्वारा और ना ही पूर्ण रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अगर गलती से पारा विधिक स्वयंसेवक को कोई भी कार्य दे भी दिया जाता है तो उस कार्य के पैसे के लिए करने पड़ते है सालों इन्तेजार।पैरा-लीगल वालंटियर्स (PLV) का मुख्य कार्य आम लोगों, खासकर गरीबों और हाशिए के समुदायों को मुफ्त कानूनी सेवाएं प्रदान करने में सहायता करना, कानूनी जागरूकता बढ़ाना और कानूनी सेवा प्राधिकरणों तथा समाज के बीच मध्यस्थ के रूप में काम करना है। वे लोगों को टेली-लॉ के माध्यम से कानूनी सलाह से जोड़ते हैं, जागरूकता शिविर आयोजित करते हैं, और छोटे-मोटे विवादों को शुरुआती स्तर पर सुलझाने में मदद करते हैं।
पीएलवी के मुख्य कार्य,कानूनी जागरूकता बढ़ाना:
वे अपने क्षेत्र में लोगों को मुफ्त कानूनी सेवाओं के बारे में जानकारी देते हैं और उन्हें संबंधित कानूनी सेवा प्राधिकरणों से जुड़ने में मदद करते हैं।
न्याय तक पहुँच:वे आम लोगों और कानूनी सेवा संस्थानों के बीच की खाई को पाटते हैं, जिससे वंचित वर्गों को न्याय पाने में आसानी हो,जागरूकता शिविर:वे कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित करने में सहायता करते हैं।
विवाद समाधान:पीएलवी लोक अदालतों और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के निपटारे के लाभों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करते हैं। टेली-लॉ सेवा में सहायता:वे टेली-लॉ के तहत लोगों को मुफ्त कानूनी सेवाएं प्राप्त करने में मदद करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि उनके पास आवश्यक दस्तावेज हों।
विशेष वर्गों के लिए सहायता , वे अनुसूचित जाति/जनजाति समुदायों के उत्पीड़ित लोगों, मानव तस्करी के पीड़ितों, शिक्षा से वंचित बच्चों, और कारागारों में बंद कैदियों की मदद करते हैं। अगर कोई PLV बालसा यह डालसा जाकर अपनी बातों को रखता है तो कहा जाता है। कि तुम लोगो का काम करना बहुत दिन हो गया है अब लगता है कि हटाना पड़ेगा। हटाने की धमकी देते है। काम कराने के बाद दो -तीन साल से मान्यदेय नही दिया गया है वो भी कोई ठीक नही मिल जाये तो राम भरोसे। हमलोगों की बातों को बालसा और डालसा नही सुनते जाए तो फिर जाए कहा। मेरा जीवन कोरा कागज कोरा ही रह गया।

Prabhu Jee
Prabhu Jeehttp://www.jagdoot.in
ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
सम्बंधित खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

रिपोर्टर की अन्य खबरें
नई खबरें