*जगदूत का 42 वां स्थापना दिवस अशोका बैंक्विट में धूमधाम से मनाया गया, बधाइयां का लगा तांता*
*केक काटकर एक दूसरे को मिठाईयां खिलाकर किया अपार हर्ष व्यक्त*
*दी गई बधाई, शुभकामनाएं, साधुवाद, की उज्जवल भविष्य की कामना*
*पीत पत्रकारिता से परे हटकर सच्ची पत्रकारिता की भूमिका निभा रही है जगदूत – अरविंद वर्मा*
*आर्थिक संकट के बावजूद विगत 42 वर्षों से संवाद सेतु का कार्य कर रही है जगदूत – अरुण वर्मा*
*जगदूत न्यूज सच्चे अर्थों में जगत का दूत, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ – किरण देव यादव*
*जगदूत न्यूज अखबार ही नहीं आंदोलन का नाम है – प्रोफेसर अकील अहमद*
*जगदूत न्यूज़ समाचार पत्र ही नहीं संघर्ष का दूसरा नाम है – मधुबाला*
*जगदूत न्यूज़ परिवार में सम्मान पाकर सुखद महसूस कर रहे हैं – शुभम ब्रजेश*
*जगदूत न्यूज समाचार लेखन प्रकाशन का है विश्वविद्यालय – पांडव ठाकुर*
*शोषित दलित पीडित गरीबों की आवाज के रूप में जगदूत करती है कार्य – पंकज मिश्रा*
“*जन सरोकारों से जुड़े संवाद संप्रेषण में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ जगदूत की भूमिका” विषयक विचार गोष्ठी आयोजित*
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया। जगदूत का 42वां स्थापना दिवस अशोक बैंक्विट में धूमधाम से मनाया गया। 42 बसंत देख चुके जगदूत टीम को बधाइयां का तांता लग गया। हजारों लोगों ने हार्दिक बधाई शुभकामनाएं देने की झड़ी लगा दी।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने सामूहिक रूप से केक काटकर एवं मिठाईयां एक दूसरे को खिलाकर हर्ष व्यक्त किया।इस अवसर पर जगदूत के संपादक अरुण वर्मा के अध्यक्षता में “जन सरोकारों से जुड़े संवाद संप्रेषण में लोतंत्र के चौथे स्तंभ जगदूत की भूमिका” विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।मंच का सफल संचालन जगदूत के एंकर पांडव ठाकुर ने किया।विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए पंच सरपंच संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिला अध्यक्ष सह जगदूत के कार्यकारी संपादक किरण देव यादव ने कहा कि जगदूत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मजबूती से अपनी भूमिका निभा रही है। जगदूत सच्चे अर्थों में जगत का दूत है।प्रोफेसर अकील अहमद ने कहा कि जगदूत अखबार ही नहीं आंदोलन का दूसरा नाम है जो दबे कुचले लोगों की आवाज है।महिला विकास सेवा संस्थान के राष्ट्रीय संरक्षक मधुबाला ने कहा कि जन संघर्ष का दूसरा नाम जगदूत है जो सच्चे अर्थों में जनता की मुखर आवाज बनकर महतीं भूमिका निभाती है।शिक्षा विभाग से जुड़े पंकज मिश्रा ने कहा कि जगजूत शोषित पीडित वंचित गरीबों के आवाज की भूमिका निभा रही है जो सराहनीय है।वरिष्ठ पत्रकार डॉ अरविंद वर्मा ने कहा कि पत्रकारिता एवं अखबार संचालन की भूमिका वर्तमान दौर में चुनौती पूर्ण है, बावजूद इसके जगदूत के संपादक अरुण वर्मा के नेतृत्व में मल्टीमीडिया के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, आज जहां पीत पत्रकारिता से तथा कथित लोग सराबोर हैं, वहीं सच्ची पत्रकारिता की आत्मा के रूप में जगदूत कार्य कर रही है जो प्रशंसनीय है।नाई समाज के प्रांतीय मीडिया प्रभारी सह जगदूत के एंकर पांडव ठाकुर ने कहा कि जगदूत एक यूनिवर्सिटी का नाम है जहां समाचार लेखन प्रकाशन की शिक्षा मिलती है।
जगदूत का रिपोर्टर ब्रजेश कुमार एवं एंकर शुभम चौहान ने कहा कि जगदूत परिवार में सम्मान शिक्षा एवं सीखने का मौका मिलता है।अध्यक्षीय संबोधन में जगदूत के संपादक अरुण वर्मा ने कहा कि आर्थिक संकट के बावजूद जन सहयोग से जगदूत का प्रकाशन हो रही है जिसमें सभी आम जनों का अपेक्षित सहयोग है। जगदूत परिवार की ओर से हम सभी का साधुवाद आभार व्यक्त करते हैं।कार्यक्रम में प्रगतिशील लेखक संघ के उपेंद्र कुमार, फरकिया मिशन के महासचिव दिनेश शाह ने कहा कि जगदूत का घुमक्कड़ टीम के अनोखा रिपोर्टिंग से जगदूत लोकप्रियता हासिल कर रही है, वहीं जगदूत का सभी पाठक रिपोर्टर की भूमिका निभाती है। आप सभी समाचार स्त्रोत, समाचार सूत्र की भूमिका निभाते हुए आप भी पत्रकार हैं।सामाजिक कार्यकर्ता राजो देवी, नीरा कुमारी ने कहा कि जगदूत में महिला पत्रकारों की भूमिका सराहनीय है।कार्यक्रम में राम सुचित पासवान, गणेश तांती, संजय कुमार, रेडक्रास के प्रबंधक राज प्रिय रंजन , कौशल कौशल कुमार, प्रभु जी, हरि शेखर यादव, अजीत कुमार, सनोवर खान अमित कुमार, लोकेश झा आदि ने जगदूत का भूरी भूरी प्रशंसा किया तथा जगदूत समाचार का प्रसारण जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।


