22 2 2024 खगड़िया बिहार
*वृद्धा विधवा विकलांग को 6000 रुपए मासिक पेंशन वृद्धि की बात करेगा, वह केंद्र व बिहार में राज करेगा, नारों के साथ विशाल जमावड़ा महासभा आयोजित*
*बृद्धा विधवा विकलांग पेंशन मात्र 400 रुपए आसमान छूती महंगाई के युग में नाकाफी, 6000 रुपए पेंशन निर्धारित करें सरकार – सुभाष जोशी*
*एमएलए एमपी मंत्री बार-बार पेंशन लेना बंद करें, जिले में वृद्ध आश्रम एवं आश्रय स्थल खोला जाय – किरण देव यादव*
*मार्च में पेंशन को लेकर किया जाएगा जुझारू आक्रोषपूर्ण धरना प्रदर्शन सभा – उमेश ठाकुर*
*महिलाओं विधवाओं विकलांगों को सामाजिक सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेवारी – मधुबाला*
*वृद्धा विधवा विकलांग को पेंशन रुपी सम्मान देना सरकार की संवैधानिक जिम्मेवारी – चंद्रशेखरम*
*बृद्धा विधवा विकलांग दोयम दर्जे की जिंदगी जीने को है विवश, 2024 25 में सरकार को उखाड़ फेंकने के मूड में है सीनियर सिटीजन – देशबंधु आजाद*
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया रेलवे उपभोक्ता संघर्ष समिति एवं जन संघर्ष अभियान के बैनर तले दो सूत्री मांगों को लेकर रेलवे जंक्शन परिसर में धरना प्रदर्शन सभा एवं विशाल जमावड़ा किया गया, जिसका नेतृत्व संघर्ष समिति के केंद्रीय संयोजक सुभाष चंद्र जोशी ने किया तथा अध्यक्षता सहसंयोजक अब्दुल गनी एवं सफल मंच संचालन सहसंयोजक उमेश ठाकुर ने किया।
सभा में हजारों की संख्या में वृद्धा विधवा विकलांग महिला पुरुषों ने भाग लिया।
सभा में सबों ने एक स्वर में बृद्धा विधवा विकलांग पेंशन 400 के बजाय 6000 रुपए मासिक निर्धारित करने तथा कोरोना काल से बंद विकलांग एवं वरिष्ठ नागरिक को रियायत दर पर रिजर्वेशन टिकट जल्द चालू करने की मांग किया।
समाजसेवी सुभाष चंद्र जोशी ने कहा कि वृद्धा विधवा विकलांग को आसमान छूती महंगाई में 400 रूपए मासिक पेंशन से भरण पोषण दवा कपड़ा का व्यवस्था संभव नहीं हो सकता है, यहां तक कि चाय बिस्किट सत्तू भी नशीब नहीं हो पाएगा।
पंच सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष किरण देव यादव ने कहा कि पेंशन के रूप में मिल रहे 400 रुपए से सामाजिक सुरक्षा नहीं हो सकती है। उक्त अपमान की राशि के बजाय कम से कम 6000 रूपए सम्मान राशि के रूप में भुगतान की जाय, तभी बुजुर्गों को सम्मान मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि जो वृद्धा विधवा विकलांगों का सम्मान पेंशन बढ़ोतरी की बात करेगा, वही बिहार और केंद्र पर राज करेगा। देश बचाओ अभियान के संस्थापक अध्यक्ष किरण देव यादव ने कहा कि आज एमएलए एमपी मंत्री अपना पेंशन बार-बार जीतने पर बार-बार कई बार पेंशन सम्मान सुविधा सुरक्षा बढ़ाती है किंतु शोषित दलित पीडित वंचित गरीब असहाय आमजन बृद्धा विधवा विकलांगों को सम्मानजनक पेंशन भी नसीब नहीं है, जो बुढ़ापे में काम आवे, इसके लिए संगठित होकर आंदोलन तेज करने की जरूरत है। उन्होंने बृद्धा आश्रम तथा आश्रय स्थल खोलने की मांग किया।
उमेश ठाकुर ने कहा कि बृद्धा विधवा विकलांग पेंशन के अभाव में दोयम दर्जे की जिंदगी जीने को विवश है। होली के बाद समाहरनालय के समक्ष विशाल आक्रोषपूर्ण धरना प्रदर्शन सभा किया जाएगा।
मधुबाला देवी ने कहा कि महिलाओं विधवाओं विकलांगों वृद्धों का सुरक्षा सुविधा सम्मान देना सरकार का जिम्मेवारी है।
देशबंधु आजाद ने कहा कि यदि केंद्र एवं राज्य सरकार अन्य राज्यों के तरह पेंशन बढ़ोतरी कर ₹6000 मासिक निर्धारित नहीं करेगी तो 2024 25 के चुनाव में सरकार को उखाड़ फेंकने का मूड सीनियर सिटीजन ने बना चुकी है।
सभा को पूर्व मुखिया मक्खन शाह, बालकृष्ण, पुलकित गोस्वामी, राम सुचित पासवान, गोरेलाल सदा, गायत्री देवी, बुधन सदा, सहित रवि शंकर सिंह ने कहा कि असहायों पीडितों के सवाल को सरकार तक पहुंचाना, पत्रकारिता का उत्कृष्ट योगदान होगा। दर्जनों वक्ताओं ने सामाजिक सुरक्षा के सवाल को लेकर सरकार पर जमकर बरसे।
पत्रकार चंद्रशेखर ने कहा कि भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर ने पहली बार 30 रूपए से पेंशन की शुरुआत किए थे, असहाय पीडितों को पेंशन देना सरकार की संवैधानिक जिम्मेवारी है, जिससे सरकार भाग रही है, उसे सत्ता से भागने की जरूरत है।
गायत्री देवी ने जन गीत प्रस्तुत कर पेंशन की समस्याओं को रेखांकित किया।
अंत में महामहिम राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र प्रेषित किया गया।


