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Thursday, April 16, 2026

शहीद कामरेड ललन, कमलेश व मिथलेश की 21वीं वर्षी पर लरसा में संकल्प सभा संपन्न

जगदूत  न्यूज जहानाबाद नेटवर्क 

21साल पूर्व आज ही के दिन 25जून 2003 को भाकपा माले के कर्मठ कार्यकर्ता कामरेड ललन पासवान ,कमलेश यादव,तथा मिथलेश दास की हत्या ललन पासवान के गांव के जानी दुश्मन ने चोर चोर का शोर मचा कर जनता को संगठित करवा दिया था|अज्ञानता में अनजान चोर समझ तीनो की हत्या पीट पीट कर लोगो ने कर दिया। यह घटना स्थल था लरसा गांव,तीनो साथी एक साथ जहानाबाद पार्टी के एक खास बैठक में शामिल होने जा रहे थे।जनता को उक्त तीनों के विषय में जब सही जानकारी मिली तो बहुत ही अफसोस जाहिर किया तथा अपने ही गांव में तीनों साथियों का स्मारक का निर्माण किया।
प्रत्येक वर्ष इस स्मारक के पास श्रद्धांजलि सभा की जाती है तथा उन्हें पुष्प अर्पित किया जाता है| उसी कड़ी में इस वर्ष भीआज श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया |
आज उपस्थित लोगों ने उनके स्मारक पर पुष्प अर्पित किया तथा श्रद्धांजलि अर्पित किया एवं संकल्प सभा का आयोजन किया । इस कार्यक्रम में उपस्थित थे भाकपा माले के राज्य कमेटी के सदस्य तथा जहानाबाद जिला सचिव रामाधार सिंह ,राज्य कमेटी सदस्य श्रीनिवास शर्मा ,जिला कमेटी के सदस्य एवं प्रखंड सचिव हसनैन अंसारी, जिला कमेटी के सदस्य सत्येंद्र रविदास ,जिला कार्यालय सह सचिव अविनाश पासवान,माले प्रखंड कमेटी के सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद पूर्व पंचायत समिति सदस्य चंद्रिका यादव।

नेताओं ने कहा कि ललन, कमलेश, मिथिलेश तुम जिंदा हो सपनों में अरमानों में।
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेंले! वतन पर मरने वालों को यही बाकी निशा होगा।
नेताओं ने आज की तिथि को याद करते हुए यह भी कहा कि जब-जब देश पर राजनीतिक संकट के बादल छाई है जनता उसे फाड़ डाली है,जनता उठ खड़ी हुई है 25 जून की तिथि याद करते हुए 1974 सबको याद आ जाता है जब तत्कालीन सरकार ने देश के ऊपर इमरजेंसी थोपा था देश की जनता पर ही मार्शल लॉ का इस्तेमाल किया था लोकतंत्र और आजादी की लड़ाई संविधान की रक्षा में जनता कूद पड़ी थी, कूद पड़े थे देश के छात्र नौजवान किसान वह मजदूर 1974 से 75 के बीच में हमारे पार्टी से जुड़े किसान मजदूर और छात्रों ने भी इस लड़ाई में महती भूमिका अदा किया था इस दरमियान बहुआरा से लेकर बाबू बांध,घोरहुयां, और पुनपुन तक हमारे साथी लोग लड़े ।केंद्रीय कमेटीके चंद नेताओं को छोड़कर सभी लोगों को अपनी शहादते देनी पड़ी ,परंतु कल भी हम जिंदा थे आज भी जिंदा है और कल भी जिंदा रहेंगे।

विगत 10 वर्षों से जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है देश में अघोषित आपात काल घोषित कर दी गई है लोकतंत्र संविधान खतरे में पड़ी हुई है लोगों का जीना मुहाल हो गया है आज के तिथि में संविधान व लोकतंत्र की रक्षा करना ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

Prabhu Jee
Prabhu Jeehttp://www.jagdoot.in
ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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