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Wednesday, April 15, 2026

समाजसेवी के आवेदन पर बड़ा एक्शन: संस्कृत काॅलेज की जमीन व गोशाला मेला बंदोबस्ती घोटाले की EOU जांच के आदेश

*समाजसेवी श्री अभय कुमार गुड्डू ने अपने आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया था*

*अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय की लगभग 1034 एकड़ बहुमूल्य भूमि के बंदोबस्ती में नियमों की अनदेखी की गई*

 जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चिप प्रभु जी खगड़िया जिले में अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय की 1034 एकड़ भूमि बंदोबस्ती एवं गोशाला मेला बंदोबस्ती से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। खगड़िया के समाजसेवी श्री अभय कुमार गुड्डू द्वारा दिए गए आवेदन पर संज्ञान लेते हुए बिहार के मुख्य सचिव ने आर्थिक अपराध इकाई (E.O.U.), पटना के महानिरीक्षक एवं जिलाधिकारी, खगड़िया को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार समाजसेवी श्री अभय कुमार गुड्डू ने अपने आवेदन में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया था कि अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय की लगभग 1034 एकड़ बहुमूल्य भूमि के बंदोबस्ती में नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और सरकारी संपत्ति का उचित मूल्यांकन नहीं किया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंची है। इसके अतिरिक्त, आवेदन में गोशाला मेला बंदोबस्ती में भी व्यापक अनियमितताओं की बात कही गई है। आरोप है कि बंदोबस्ती प्रक्रिया में मनमानी ढंग से निर्णय लिए गए, जिससे सरकारी आय प्रभावित हुई और कुछ लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इस पूरे मामले में खगड़िया के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी अमित अनुराग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। समाजसेवी श्री अभय कुमार गुड्डू द्वारा उठाए गए इन गंभीर आरोपों को मुख्य सचिव बिहार ने गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई, पटना को विस्तृत जांच का निर्देश दिया। साथ हीं जिलाधिकारी खगड़िया को भी अपने स्तर से पूरे मामले की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव के इस निर्देश के बाद अब आर्थिक अपराध इकाई द्वारा पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। जांच के दौरान बंदोबस्ती प्रक्रिया, निविदा से जुड़े दस्तावेज, संबंधित अधिकारियों की भूमिका तथा राजस्व नुकसान के पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार सरकारी संपत्ति एवं राजस्व से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को लेकर सख्त रुख अपना रही है। वहीं समाजसेवी श्री अभय कुमार गुड्डू की पहल को भी स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जनहित से जुड़े मुद्दों को इसी प्रकार मजबूती से उठाया जाए तो प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को और सुदृढ़ किया जा सकता है। स्थानीय नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने उम्मीद जताई है कि यह जांच निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से पूरी होगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। उनका मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से भविष्य में सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग और बंदोबस्ती में अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी। यह पूरा मामला खगड़िया जिले में प्रशासनिक व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की निगाहें आर्थिक अपराध इकाई और जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस पूरे प्रकरण की सच्चाई को उजागर करेंगे।

Prabhu Jee
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ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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