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Thursday, April 16, 2026

बाल संरक्षण इकाई के सौजन्य से आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया

जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया प्रधान दंडाधिकारी, किशोर न्याय परिषद, खगड़िया एवं सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, खगड़िया के द्वारा संयुक्त रुप से जिला बाल संरक्षण इकाई के सौजन्य से बालकों के देखरेख एवं संरक्षण से संबंधित नियमों, अधिनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित उन्मुखीकरण सह संवेदीकरण कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। प्रतिभागियों को किशोरों के देखरेख एवं संरक्षण से संबंधित कानूनों की विस्तार से जानकारी दी गई। आज दिनांक 26.06.24 को प्रधान दंडाधिकारी किशोर न्याय परिषद, पुलिस उपाधीक्षक(मुख्यालय) एवं श्री राजीव रंजन, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई खगड़िया ने समाहरणालय के मुख्य सभाकक्ष में किशोरों एवं विधि विवादित बच्चों के देखरेख एवं संरक्षण से संबंधित कानूनों की जानकारी संबंधित हितधारकों को प्रदान करने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई के सौजन्य से आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।कार्यशाला का उद्देश्य बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों एवं अन्य हितधारकों को बालकों एवं किशोरों के देखरेख एवं संरक्षण से संबंधित नियमों/ अधिनियमों यथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम), 2015, बिहार किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण नियमावली), 2017 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 से परिचित कराने, किशोरों एवं विधि विवादित किशोरों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित कराना था। बालकों के देखरेख एवं संरक्षण से संबंधित नियम व अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उन्मुखीकरण सह संवेदीकरण हेतु आयोजित इस कार्यशाला के प्रारंभ में , प्रधान दंडाधिकारी, किशोर न्याय परिषद , पुलिस उपाधीक्षक(मुख्यालय), श्रम अधीक्षक, खगड़िया, पटना से आए रिसोर्स पर्सन श्री अजय कुमार, सीनियर कंसलटेंट यूनिसेफ एवं अन्य का स्वागत सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई, श्री राजीव रंजन द्वारा पौधे प्रदान कर किया गया एवं प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि नियमों की जानकारी से प्रक्रियात्मक त्रुटियों से बचने में सहायता मिलेगी। कार्यशाला का उद्देश्य सभी हितधारकों को इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें इस समस्या के प्रति संवेदनशील बनाना है।इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक ने सभी पुलिस पदाधिकारी को किशोरो से संबंधित मामलों में संवेदनशील रहते हुए कार्रवाई करने का निर्देश दिया।प्रधान दंडाधिकारी, किशोर न्याय परिषद ने इस कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए विभिन्न बालकों के देखरेख एवं संरक्षण से संबंधित विभिन्न नियमों ,अधिनियमों के बारे में संक्षेप में जानकारी दी और बताया कि नियमों, अधिनियम के ज्ञान से उचित विधिक कार्रवाई करने में आसानी होती है। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में तुरंत कानूनी कार्रवाई करनी है। सभ्य राष्ट्र एवं समाज के रूप में विकसित होने के लिए बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न नियमों, अधिनियम का अक्षरशः पालन करना जरूरी है।कार्यशाला में पटना से आए रिसोर्स पर्सन श्री अजय कुमार, सीनियर कंसल्टेंट, यूनिसेफ ने प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम, 2015, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों की भूमिका के साथ अन्य बाल संरक्षण एवं उनकी देखरेख से संबंधित अनुषंगी कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षण में भाग ले रहे प्रतिभागियों के संशयों का भी समाधान सहजतापूर्वक किया।कार्यशाला में विभिन्न न्यायिक पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके अलावा श्रम अधीक्षक, बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, जिला बाल संरक्षण के सभी कर्मीगण सहित अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया।इस कार्यशाला से किशोर न्याय प्रणाली एवं पॉक्सो मुकदमों के निस्तारण में आ रही कठिनाई काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही सभी उपस्थित हितधारकों को किशोरों एवं बालकों के देखरेख एवं संरक्षण से संबंधित विभिन्न कानूनों की विस्तृत एवं गहन जानकारी भी प्राप्त हुई। इससे किशोरों एवं बालकों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

Prabhu Jee
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ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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